ओ कोरोना अब बस भी करो ना,
तुम इतनी जाने अब मत लो ना।

बहुत कहर ढा लिए हम पशु पंछियो पर,
तुम हम पर कहर अब मत ढाओ ना।

कर चुके बहुत देश बर्बाद तुम,
अब बर्बाद और मत करो ना,

डॉक्टर के रूप में भगवान् है वो,
ज़रा तुम उनसे तो डरो ना,

हमने कैद रखा पशु-पंछियों को पिंजरों में,
तुम हमें अपने ही घरो में कैद ना रखो ना।

सिख चुके है सबक हम अपनी गलती का,
तुम इतनी जाने अब मत लो ना।

Creation by - Neetu Yadav
Instagram Id - poetry_wld
बुरा बस वक़्त चल रहा है
यह भी थम ही जाएगा
हां महामारी का समय है
गुजर सा जाएगा

लोग कुछ तड़प रहे 
कुछ घर में डरे बंद है
इस नई बीमारी से
यहां हर कोई तंग है

लोगो की जान ये
नई बीमारी ले रही है
ये एक दशा है
जो सच्चाई कह रही है

गलती है हमारी कुछ
कुछ कुदरत का दस्तूर है
हमने लिया मज़ाक में
ये हमारा कसूर है

खो दिया कई लोगो ने
अपने अपनो को इसमें
इलाज़ मिल नहीं रहा 
इसी बात का अफसोस है

आना जाना खाना पीना
सबने रोक टोक है
इन दिनों तो हाथ मिलाना
गले लगाने पे भी शोक है

अपनो से दूर कर रही
ये कोरोना नाम की बीमारी है
हम मजबुर है घरों मै
हमारी भी लाचारी हैं

कुछ उपाय कुछ बचाव
इतना ही कर सकते है
हम बचेंगे या नहीं
ये भगवान ही कह सकते है

धेरय रखो, रखो सबर
सब सही होगा
जो चाहा है खुदा ने
आखिर वहीं होगा।।

Creation by - Muskan Shah
Instagram Id - the_unpublished.ink
कैसा समय है आज आया सब को घर है बिठाया,
जिसको नहीं था डर किसी का उसको डर का मतलब समझाया,
एक छोटे के वाईरस से ये आज कैसा दौर है आया,
समय ये कैसा पल्टा पुराना दौर फिर से आया।

बाहर अब कोई ज़ादा जाता नहीं,
बाहर का अब कोई खाता नहीं,
घर बैठ के घर सब कुछ पकाते हैं लोग,
बाहर खाने से अब सब कतराते हैं लोग।

घर बैठ के हर वक़्त कोई मोबाईल देख नहीं सकता,
घर वालों को नज़र-अंदाज़ कर नहीं सकता,
जब मोबाईल से एक वक़्त पर पक जाते हैं लोग,
दो वक़्त घर वालों के संग बिताते हैं लोग।

थोड़ा हँसते थोड़ा खेलते हैं घरवालों के साथ,
थोड़ी कर लेते हैं अपनी दिल में दबी बात,
थोड़ी मुश्किलें थोड़ी परेशानियाँ बाँट लेते हैं,
घरवालों के संग कुछ अच्छे पल बिता लेते हैं।

जो शारीरिक सफाई को नज़र-अंदाज़ करते थे,
खाने से पहले हाथ धोने को बकवास कहते थे,
एसा करने से कुछ नहीं होता ये बात कहते थे,
अब सब हर वक़्त सफाई का ध्यान रखते हैं,
खुद का और ज़्यादा खयाल रखते हैं।

अपनों के लिए अब दिल में फिक्र बढ़ गयी,
छोटी-छोटी बातों पर अब होने चिंता लग गयी,
आखिर एक अच्छी बात लोगों में कोरोना लाया है,
अपनों को ये अब फिर से करीब लाया है।

माना इस कोरोना से कई लोग मर रहे हैं,
परंतु लोग भी अब काफी सचेत हो रहे हैं,
मानना होगा कुछ अच्छा तो इस कोरोना में भी है,
जो अब लोग अपना और अपनों का खयाल बखूबी रख रहे हैं।

Creation by - Taranjyot Singh
Instagram Id - tj_paraphase
सुबह सुबह उठ जब
खिड़की के बाहर मेरी नजर गिरी,
तो महसूस हुआ कि
कुछ तो बदल गया है
और तभी बाहर से आवाज आयी,
"कुछ नहीं, बहुत कुछ बदल गया है"

रास्ते में न ही शोर शराबा था, 
न ही कोई कुड़ा गिरा पड़ा था
सुनाई दे रहा था तो बस 
पंछियों की किलकारियाँ 
और बहती हवा की चुपचाप सी हँसी;
रोजनामों का तो कहीं अता पता न था, 
सो टीवी के खबरियों के वजह से 
दुनिया का हाल पता चल पा रहा था 
जहां एक और आदम जात में 
हाहाकार मच रहा था, 
वहीँ जानवरों के बीच 
एक उमंग सी थी छायी हुई 

जो भूरे रंग के दिखते थे कभी, 
वो नदियां 
आज आहिस्ते आहिस्ते साफ़ हो रहे हैं 
मायूस हो गए थे जंगल जो सभी 
आज खुशी से खिलखिला रहे हैं 

जिन्हें वक्त नहीं मिलता था कभी 
वो आज अपनों के साथ 
कभी खुशी कभी ग़म बांट रहे हैं;
जिसने नमक की डिब्बी को 
हाथ भी न लगाया था 
वो आज रसोई में 
कभी गवेषणा कर रही है या 
कभी कभी मम्मी का हाथ बटा रही है 

ऑनलाइन कहानियाँ सुनना छोड़ 
दादी की कहानियां अब भाने लगी हैं 
दादाजी और पापा से बात कर अभी 
मेरे दिमाग की खिड़कियां खुलने लगी हैं 

ये बीमारी जो फैली है चारों ओर 
है बड़ा ही खतरनाक, ये सच है 
पर इस बीमारी ने प्रकृति और इंसानियत 
दोनों का मैल वाकई मिटाकर, 
ये अभिशाप के साथ साथ एक वरदान भी है 
ये भी एक अनोखा सच है। 

Creation by - Shibangi Das
Instagram Id - s_unspoken_words
आ ही गए हो मेरे भारत देश मे 
तो नज़रे भी चुरा सकते नही,
हाथ जोड़कर करते हैं स्वागत,
हाथ हम मिला सकते नहीं,

परम्परा है अतिथियों का सत्कार करने की, 
इसलिए नज़रे तुमसे चुरा सकते नही,
हाथ जोड़कर करते हैं स्वागत,
हाथ हम मिला सकते नही,

तेरे आने  से देश मे मायूसी सी छाई है ,
जैसे एक आंधी,काली घटा घेर लायी है ,
फिर भी नही डरेंगे तुमसे,
क्योंकि चिकित्सा पद्धति सबसे पहले भारत में ही आयी है,

निपटने का तुझसे अब 
हर सम्भव प्रयास जारी है ,
तुमने तो फैला लिया अपना कहर,
अब निपटने की आयी बारी है,

निकाल फेकेंगे तुझको इस देश की जड़ो से हम,
जैसे तुम कभी यहाँ आये ही न थे,
Doctors की मेहनत से बेफिक्र हो जाएगा यहाँ का हर एक नागरिक,
जैसे वो इससे कभी घबराए ही  न थे,

Doctors की मेहनत,समर्पण,और 
उनके इस ज़ज़्बे को में दिल से सलाम करता हुँ,
कोई कितना भी करले अपमानित आपको ,
पर में इस दुख की घड़ी में आपकी मेहनत को सत सत प्रणाम करता हूँ,

मेरे देश पे आके तूने 
ए virus नज़रे जो गढ़ा दी,
यहाँ तो पहले से ही थी लोगो में नजदीकियां बहुत कम,
तूने तो आके दूरिया और बढादी,

डरने लगा है आदमी -आदमी को गले लगाने से ,
इससे ज्यादा बुरा दृश्य इन आँखों के लिए और क्या होगा,
भगाएंगे तुझको यहाँ से ऐसे जैसे न तू यहाँ था न यहाँ होगा,
जो जहाँ है वही रुक गया है ,ना कोई कही आ रहा है ना जा रहा है ,

तेरी वजह से कितना परेशां ये इंसा हो रहा है , 
कितनो की ज़िन्दगी छीनली है तूने ,कितनो के घर उजाड़े है तूने,
चहल -पहल रहती थी जहाँ चारो और ,
सब ठिकाने तेरे कहर से हो गए हैं सूने- सूने,

है ईश्वर है अल्लाह इस दुख की घड़ी से बचा दुनिया को,
जैसे निवारण करता है कष्टो का वेसे ही निपटा दे इस महामारी को,
हर जनमानस की प्रतिरक्षा की शक्ति बढ़ा देना तू,
Virus के हमले से पहले,virus को ही मिटा देना तू (2)

Creation by - Mayank Sharma
Instagram Id - mayank1166
हर तरफ है करुण क्रन्दन, 
चहुँ ओर है हाहाकार ।
कौन बचेगा कौन मरेगा, 
बस यही है एक विचार ।

जो करेगा पालन नियमों का,
रखेगा स्वच्छता का ध्यान।
ज़िन्दगी उसी की बढ़ेगी , 
होगा वही अमर इंसान ।

मत डरो इस महामारी से, 
कर लो तुम परहेज़ ।
चाहे हिन्दू मुस्लिम हो, 
चाहे हो अंग्रेज़ ।

हाथ जोड़ अभिनंदन करो, 
ना मिलाओ तुम हाथ ।
दोस्तों अपनी सुरक्षा, 
है अपने ही हाथ।

हाथ धोने के समय, 
कर लो साबुन का प्रयोग।
मास्क लगाओ सैनिटाइज़ करो, 
यही भगाएगा रोग।

मत करो जमाखोरी तुम, 
खा लो जो है मिल बांट।
मुसीबत की इस घड़ी में, 
ये बात बांध लो गांठ।

जो लिया यहीं से लिया, 
ना जाना कुछ है साथ।
खाली हाथ आये थे, 
जाएंगे भी खाली हाथ।

Creation by - Minakshi Bhatia
Instagram Id - N/A
कोरोना से मिलकर लड़ेंगे,
जनता कर्फ्यू का पालन करेंगे |

भीड़-भाड़ से दूर हम सब, 
परिवार के साथ घर में रहेंगे |

घंटी-थाली और ताली बजेगी,
हर बालकनी से यह जंग चलेगी |

बच्चों बूढ़ों का ध्यान रखेंगे,
कोरोना से मिलकर लड़ेंगे |

अब और नहीं होंगे परेशान,
मिटायेंगे कोरोना का नाम-ओ- निशान |

साफ सफाई का रखेंगे ध्यान,
कोरोना तुम्हारा तोड़ेंगे गुमान।

प्रकृति को सैनेटाइज करेंगे,
कोरोना से मिलकर लड़ेंगे |

याद रखेगा हिंदुस्तान,
भागा कोरोना अपने धाम |

जनता कर्फ्यू चलता रहेगा,
मंजीरा मृदंग बजता रहेगा |

जब सड़कों पर ना मिलेगा इंसान,
कोरोना करेगा त्राहिमाम- त्राहिमाम|

जब तरंगों की निकलेगी धार,
होगा बहरा कोरोना का परिवार |

जनता कर्फ्यू और हड़ताल,
दूर-दूर रहकर करेंगे वार |

सरकार के नियमों का करो
सम्मान,
जनता कर्फ्यू का पालन कर
बनाओ देश महान।

दुष्कारी वायरस सभी हो जाएं
यहां से दूर |
मानव को मानवता याद रहे करे न
कोई भूल।

दुर्घटना बीमारी से सुरक्षित रहे
संसार,
कोरोना जैसे विषाणु का शीघ्र
करो संहार |

जन-जन का आपस में मिले पूर्ण
सहयोग,
न आशंका युद्ध की न हो आपदा
का खौफ |

सर्वत्र प्रस्फुटित हो प्रसन्नता और
आनंद अपार,
शिक्षा दुर्भिक्षा का मिट जाएगा
नाम|

दीप प्रज्ज्वलित कर तम का
करना है नाश,
बहुत सह लिया हमने अब
कोरोना का होगा विनाश |

Creation by - Shivani Tripathi
Instagram Id - shivani_tripathi_sona

सुनो ना , सुनों ना , सुन लोना 
अब तो पिछा हमारा छोडो ना ।

जितनी देहेशत फैलानी थी फैलादी 
अब तो सुकून की नींद सोने दो ना ।

व्यापार , धंधा - पाणी , अर्थव्यवस्था सब ठप्प कर रखा है , तुमने तो बहोतोकि जाने खाली ,
अब हमें खाने के लिए पैसे कमाने दो ना ।

Creation By - Sayali Wadke
Instagram Id - sayali6388
रास्ते सारे सुनसान पड़े है
दुकानों पर भी ताले लगे है ।

एक अरसे बाद सुना मैंने चिड़ियों का चहकना
बेखौफ़ होकर वो आज आसमान की सैर कर रहे है।

ये मंजर कुछ खौफनाक सा तो कुछ राहत देने वाला है 
चारो ओर शांति  है मगर लोगो के दिलो में सैकड़ों सवाल उठ रहे है।
               
ना कोई अकेले घुम सकता है ना कोई किसीसे मिल सकता है 
बस बेवजह बाहर न जाकर कोरोना को फैलानेसे रोक सकता है।
क्यों सबकी जान के पीछे पड़े हो ,अब तो बस कोरोना ?!!!

Creation by - Sayali Wadke
Instagram Id - sayali6388
कोरोना तुम यहां से जाओ ना,
कोरोना तुम यहां से जाओ ना...
.
हां मुझे पता है वह तुम ही हो
जिसकी वजह से कुछ लोगों को
बहुत वक्त बाद अपने परिवार
के साथ कुछ समय मिला है...
.
पर मुझे यह भी पता है
वह भी तुम ही हो जिसकी वजह से
ना जाने कितने लोगों ने
अपने परिवार को खो दिया है...
.
हां मुझे पता है जिन लोगों ने
कभी किसी की नहीं सुनी
वह भी तुम्हारे डर से घर में बैठे हैं...
.
पर मुझे यह मंजूर नहीं है
कि लोग तुम्हारे डर में जिए...
हां मुझे पता है तुम्हारी वजह से
इस दुनिया में प्रदूषण थोड़ा कम हो गया है...
.
हमारी धरती फिर से ठीक होने लगी है
पर मुझे यह भी पता है तुम्हारी वजह से
यहां रहने वाले लोग मर रहे हैं...
.
और हमारी धरती को यह मंजूर नहीं है
क्योंकि वह अकेले नहीं रहना चाहती
यहां रहने वाला हर इंसान उसका अपना है
यहां रहने वाला हर इंसान उसके परिवार का हिस्सा है...
.
तो तुम्हारे लिए यह चेतावनी है यहां से चले जाओ
नहीं तो तुम्हारे साथ अच्छा नहीं होगा
कोरोना वायरस तुम जाओ यहां से
यह हमारी धरती है और हम नहीं चाहते तुम इसका हिस्सा बनो....

Creation by - Siddhi Jain
Instagram Id - hidden_feelings_8


लोभ से तृष्णा जब बढ़ने लगी !! 
इच्छायें नवीन रूप गढ़ने लगी !! 

होकर क्षुब्ध सी आत्मा मरने लगी !! 
मनुज की मति इन्द्रियाँ हरने लगी !! 

मानव पर नाश तब छाने लगा !! 
प्रकृति के विपरीत जब नर आने लगा !! 

रोग, महामारी जैसे होने लगे !! 
सृष्टि से मनुष्य सब खोने लगे !! 

अश्रुओ से विलाप जग करने लगा !! 
देख मृत्यु निकट हृदय में धीरज मरने लगा !! 

भीड़ में कौरवो की, पांडव कहीं खोने लगा !! 
ये प्रलय ही है, देखो शिव तांडव भी होने लगा !! 

ज्ञान विज्ञान सब पीछे छूट जाने लगा !! 
ईश्वर का ध्यान सबको अब आने लगा !! 

देख पाप स्वयं के अब क्यों रोने लगा !! 
सत्य को देख, सत्य सकल रूप होने लगा !!
Creation by Ananya Rai Parashar
Instagram Id - real_existence_
थी हसीन वो नाज़नीन वो, 
खुशबूदार पिटारा था !! 
वो थी कोमल मोम की सी, 
तन जलता एक शरारा था !! 

वो एक मुशारा था जिसको, 
ग़ालिब ने शेरो में उतारा था !! 
उसको थी नफरत मुझसे, 
मैंने उसके आशिक़ को चौराहे पे मारा था !! 

था मौसम आँधीं - सावन का, 
घड़ी-घड़ी बरसाते थी !! 
भीग रहा था शहर लेकिन, 
हर तरफ मेरी उसकी ही बातें थी !! 

आच्छादित रत्नो से नौ नौ, 
वो चंचल सौख कुंवारी थी !! 
लाती थी वो घर में रोटी, 
माँ बाप को गरीबी की बिमारी थी !!  

न ना सुनने की आदत मेरी, 
गुरूर उसमे भी बहुत सारा था !! 
वो थी लड़की शहर  की, 
मैं गलियों  का आवारा था !! 

थी शिद्दत लव्जो से उसके, 
क्या कसूर मेरा था आखिर !! 
दिल के बदले दर्द मिला, 
समझा उसने मुझको ही काफिर !! 

था कोलाहल भीषण सा, 
या सुन्न सपाट सन्नाटा था !! 
हंस रही थी महफ़िल मुझपे, 
जब उसने चांटा मारा था !! 
ठुकरा कर ये दिल कांच का, 
बड़ी जोर से पत्थर मारा था !! 
टूट गया सम्मोहन मेरा, 
ख़तम खेल प्यार अब सारा था !! 

बीता गुरु शुक्र और रविवार भी, 
मन में मेरे एक अय्यारी थी !! 
वो सो रही थी चैन से रातो में, 
मुझे नींद बिलकुल नी आरी थी !! 

था लाल सुर्ख चेहरा उसका, 
मैंने तो सिर्फ अपना इश्क़ इक़रारा था !!
वो बोली ख्वाबों में आकर, 
तुमने ही मेरे आशिक़ को चौराहे पे मारा था !!

थी साफ सड़के और गालियां खाली,
शायद ये मातम की तैयारी थी !! 
करने हिसाब बराबरी का, 
मेरे यारो की टोली अब आरही थी !! 

भरी दोपहरी जेठ की,
घर में वो अबला नारी थी !! 
एक थप्पड़ की चोट से, 
बदली उसकी दुनिया अब सारी थी !! 

करदी मिट्टी इज्जत, मर्यादा, 
खींचा आँचल फाड़ी साडी थी !! 
जो बोला बीच में मेरे उसकी, 
छाती में तलवार उतारी थी !! 

वो बोली फिर भैया भैया, 
अब मैं किसी को नहीं तड़पाऊंगी !!
बन कर अब मैं कभी, 
किसी की कोख मैं नहीं आउंगी !! 

देख रहा था मौन मोहल्ला,
मन में सबके एक दुशासन था !!
वो लिपटी कपड़ो में सिमटी,
दुष्कर्मी सारा ये शासन था !!

सात महल, दो दुर्ग एक कोठी 
ठाट, बाठ, आठ गाडी थी !! 
मैं था बेटा नगर पंच का, 
सियासत घर में बड़ी भारी थी !!

क्या दोषी क्या आरोपी, 
में पकड़ में ही कब आया था !!
जब बीते 24 घंटे, 
तब लड़की को अस्पताल पहुंचाया था !!

फिर बैठी एक जांच कमेटी, 
जगा प्रशासन सारा था !!
की गयी घटना की घोर निंदा, 
आखिर इतना कर्त्तव्य तो हमारा था !!

बनकर मुद्दा राजनीति का, 
अब ये संसद में आया था !!
करके चर्चा पक्ष - विपक्ष ने, 
अच्छा समय गवाया था !!

बनाया कैम्पेन बलात्कार पे, 
अब डिबेट का त्योहार आया था !!
केंडल मार्च में बहा पसीना, 
टीवी-अखबार ने खूब कमाया था !!

लगा के तस्वीर चौराहे पे, 
उसको बहुत सजाया था !! 
माँ बाप रो रहे थे घर पे, 
उनको किसी ने नहीं बुलाया था !! 

उठा मुद्दा जब जोर शोर से, 
पुलिस का चेहरा तमतमाया था !! 
तब जाके कहीं फिर गलती से, 
मेरे घर वारंट आया था !! 

चिल्ला चिल्लाकर कोर्टरूम में, 
वकीलों ने मुझको मौत से बचाया था !! 
छूट कर वापस सात साल बाद, 
मैं वापस शहर में आया था !! 

ना होगा कानून सशक्त जब तक, 
कोई मेरा क्या बिगाड़ पायेगा !! 
कभी हैदराबाद तो कभी प्रयाग में, 
ये पाप दोहराया जायेगा !! 

ना लाज, शर्म ना पश्चाताप, 
दुष्टों को पापो का मर्म नहीं !! 
ये मृत्यु हैं भारत तेरी, 
एक लड़की का दुष्कर्म नहीं !!

Creation by Ananya Rai Parashar
Instagram Id - real_existence_