कोरोना का असामान्य समय - तरन ज्योत सिंह

by April 26, 2020 0 Comments
कैसा समय है आज आया सब को घर है बिठाया,
जिसको नहीं था डर किसी का उसको डर का मतलब समझाया,
एक छोटे के वाईरस से ये आज कैसा दौर है आया,
समय ये कैसा पल्टा पुराना दौर फिर से आया।

बाहर अब कोई ज़ादा जाता नहीं,
बाहर का अब कोई खाता नहीं,
घर बैठ के घर सब कुछ पकाते हैं लोग,
बाहर खाने से अब सब कतराते हैं लोग।

घर बैठ के हर वक़्त कोई मोबाईल देख नहीं सकता,
घर वालों को नज़र-अंदाज़ कर नहीं सकता,
जब मोबाईल से एक वक़्त पर पक जाते हैं लोग,
दो वक़्त घर वालों के संग बिताते हैं लोग।

थोड़ा हँसते थोड़ा खेलते हैं घरवालों के साथ,
थोड़ी कर लेते हैं अपनी दिल में दबी बात,
थोड़ी मुश्किलें थोड़ी परेशानियाँ बाँट लेते हैं,
घरवालों के संग कुछ अच्छे पल बिता लेते हैं।

जो शारीरिक सफाई को नज़र-अंदाज़ करते थे,
खाने से पहले हाथ धोने को बकवास कहते थे,
एसा करने से कुछ नहीं होता ये बात कहते थे,
अब सब हर वक़्त सफाई का ध्यान रखते हैं,
खुद का और ज़्यादा खयाल रखते हैं।

अपनों के लिए अब दिल में फिक्र बढ़ गयी,
छोटी-छोटी बातों पर अब होने चिंता लग गयी,
आखिर एक अच्छी बात लोगों में कोरोना लाया है,
अपनों को ये अब फिर से करीब लाया है।

माना इस कोरोना से कई लोग मर रहे हैं,
परंतु लोग भी अब काफी सचेत हो रहे हैं,
मानना होगा कुछ अच्छा तो इस कोरोना में भी है,
जो अब लोग अपना और अपनों का खयाल बखूबी रख रहे हैं।

Creation by - Taranjyot Singh
Instagram Id - tj_paraphase

Aman Prithviraj

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